पाकिस्तान ने अपने स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त के दिन भी भारत के खिलाफ जहर उगला है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर की चोट अभी भी पाकिस्तान को दर्द का एहसास करा रही है। इसी वजह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आजादी के जश्न मनाने की जगह भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की गीदड़भभकी दी। दरअसल, पाकिस्तान सिंधु जल समझौता रद्द करने के भारत के फैसले से इतना नाराज है कि उसने युद्ध की धमकी दी है।
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क्या कहा शहबाज शरीफ ने
पाकिस्तान की आजादी के 80वें साल की शुरुआत से पहले गुरुवार की रात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ‘यादगार-ए-फतह’ नामक एक स्मारक का उद्घाटन किया गया। इस स्मारक का उद्घाटन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण की शुरुआत तो देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने से की, लेकिन फिर जल्द ही भारत के खिलाफ जंग का राग अलापने लगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देता है, तो उसे मई 2025 से भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा।
शहबाज ने भारत को दी धमकी
प्रधानमंत्री शहबाज ने ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार की अपनी टीस जाहिर करते हुए मंच से ही हार के घाव को याद करते हुए कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को एकतरफा तरीके से रोक दिया है। इसे लेकर गीदड़भभकी देते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि, “हमारे लिए पानी की हर बूंद लाल रेखा है और अगर भारत सही रास्ते पर नहीं चलता है, तो हम उसे सीधा जवाब देंगे।”
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पाकिस्तान ने खुद की तारीफ कर ली
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिधू और नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ मौजूद रहे। ‘यादगार-ए-फतह’ स्मारक को लेकर पाकिस्तान ने कहा कि यह स्मारक पाकिस्तान के लिए जान गंवाने वाले सैनिकों को सम्मान देने और ‘मरका-ए-हक’ की याद में बनाया गया है। कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को “शांति की गारंटी देने वाले देश” के रूप में पहचान मिली है।



