कोरबा : प्रदेश के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के कोरबा दौरे के दौरान गुरुवार को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं को काले झंडे दिखाने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के चलते कार्यकर्ता अपना विरोध प्रदर्शन नहीं कर सके। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुए कथित बल प्रयोग और अभद्र व्यवहार के विरोध में काला झंडा दिखाने का ऐलान किया था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पहले से अलर्ट हो गया था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के आगमन से पहले ही पुलिस ने काले झंडे लेकर प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे कई कार्यकर्ताओं को रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों पर कथित अत्याचार बंद करने की मांग की। पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मानिकपुर चौकी में बनाई गई अस्थायी जेल में रखा। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया।
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पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विशाल सिंह, प्रतीक पांडे, भानु भगत, आशीष बंजारे, नवनीत सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। हिरासत में लिए जाने के बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विशाल सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय किया जा रहा है और सरकार लोकतांत्रिक विरोध को भी दबाने का प्रयास कर रही है।






