Tmc Leader Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक हालिया इंटरव्यू में पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्तिगत संबंध भी खराब हो जाएं. महुआ ने बताया कि उनके और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर हमेशा सम्मानजनक संबंध रहे हैं.
महुआ मोइत्रा ने कहा कि जब सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़कर भाजपा में जाने का फैसला किया था, तब उन्होंने अपने इरादे को खुलकर सामने रखा था. उन्होंने पार्टी के भीतर रहकर दोहरी राजनीति नहीं की, बल्कि स्पष्ट रूप से अपना रास्ता चुना. महुआ के मुताबिक, किसी भी नेता का यह तरीका ज्यादा ईमानदार और पारदर्शी माना जा सकता है.
रात भर रोईं महुआ
महुआ ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि जब मैंने पहले करीमपुर से चुनाव लड़ा था. उस समय मेरे साथ कोई नहीं था. तब मेरी रैली में सुवेंदु आए थे. जब एक बार 2014 में मुझे कहीं लोकसभा से टिकट मिलने वाला था. लेकिन किन्हीं कारणों से मिल नहीं पाया था. तब में पूरी रात रोई थी. उस समय सुवेंदु ने कहा था कि बहन मैं तुम्हारे साथ हूं, यही है जो हम लोगों का पर्सनल कनेक्शन है.
महुआ ने किन नेताओं पर बोला हमला
महुआ मोइत्रा ने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो पार्टी में रहते हुए असंतोष जताते हैं, लेकिन खुलकर अपना रुख नहीं बताते हैं. महुआ का कहना था कि यदि किसी को पार्टी नेतृत्व से समस्या है तो उसे स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए और जनता के बीच जाकर अपना समर्थन साबित करना चाहिए.
महुआ ने यह भी साफ किया कि राजनीतिक स्तर पर उनकी और सुवेंदु अधिकारी की विचारधारा अलग है. दोनों अलग-अलग दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सम्मान और राजनीतिक विरोध को अलग-अलग नजरिये से देखना चाहिए. यही वजह है कि तीखी राजनीतिक लड़ाइयों के बीच भी वह सुवेंदु अधिकारी के प्रति सम्मान का भाव रखती हैं.





