UBT MPs Bagabat: देशभर में इस समय पश्चिम बंगाल और वहां की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चर्चा में हैं. इस चर्चा के पीछे की वजह उनकी पार्टी में टूट और लगातार करीबियों का साथ छोड़ना है. इस सब के बीच अब महाराष्ट्र एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. खासतौर पर शिवसेना (UBT) को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि उसमें एक बार फिर टूट हो सकती है.
महाराष्ट्र में उद्धव की शिवसेना में टूट की खबर के पीछे की कई वजहें मानी जा रही हैं. सबसे बड़ी वजह है उद्धव की बैठक से ही सांसदों को गायब होना. पिछले दिनों मातोश्री में हुई बैठक में 9 में से केवल 4 सांसद बैठक में शामिल हुए थे. यही वजह है कि ऐसा माना जा रहा है कि बाकी के बचे 5 सांसद शिंदे गुट की शिवसेना के साथ जा सकते हैं.
दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे ने साफ किया कि इस तरह की उनकी कोई योजना नहीं है कि वे किसी भी तरह शिवसेना यूबीटी में टूट करें. तो वहीं उद्धव ने भी अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है तो खुशी-खुशी जा सकता है. अभी हमारा समय नहीं है.
टूट की खबरों पर क्या बोले उद्धव?
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की आशंका से कोई भी इनकार नहीं कर रहा है. लेकिन, इन सब में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बयान शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे का है. उन्होंने अपने सांसद जो बगावत कर सकते हैं. उनसे कहा कि अभी मेरा समय नहीं है. लेकिन, आज नहीं तो कल जरूर आएगा. उस समय हमें संघर्ष करना पड़ेगा.
उद्धव ने कहा था कि जिन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ी है, उन्हें एक दिन पछतावा जरूर होगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी.
आगे कहा कि चार साल पहले पार्टी में बड़ी फूट पड़ी थी, जब 40 विधायक अलग हो गए थे. उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना में चार साल पहले हुई बगावत की मुझे भनक लग गई थी कि क्या हो रहा है, लेकिन मैंने किसी से कुछ भी नहीं कहा, न ही उन पर कोई दबाव नहीं डाला और न ही उनके घोटालों की जांच के लिए कोई फाइल खुलवाई. उन्होंने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है, तो वह जा सकता है. मैं बस उनके अच्छे राजनीतिक भविष्य की कामना करूंगा.
बैठक से कौन रहा गायब?
उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर की आहट के बीच मातोश्री में सभी सांसदों की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में केवल 4 सांसद ही शामिल हुए थे. जबकि 5 सांसद बैठक में नहीं पहुंचे थे. उसमें संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश पाटिल अष्टिकर हैं. इन पांच सांसदों के कारण पार्टी में फिर से फूट पड़ने की चर्चा तेज हो गई है.





