अंबिकापुर शहर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। हालांकि, परियोजना से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं के अधूरे होने के कारण नगर निगम की योजना पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट का निर्माण तो किया जा रहा है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में सीवर नेटवर्क और कनेक्टिविटी की व्यवस्था अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि घरों और मोहल्लों का सीवरेज प्लांट तक पहुंचेगा ही नहीं, तो इतनी बड़ी परियोजना का पूरा लाभ कैसे मिल पाएगा। इस मुद्दे को लेकर नगर निगम की कार्ययोजना और क्रियान्वयन पर चर्चा तेज हो गई है।
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वहीं, निगम अधिकारियों का दावा है कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है और आने वाले समय में सीवर लाइन विस्तार का कार्य भी किया जाएगा। इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का मानना है कि परियोजना के सभी घटकों को एक साथ विकसित किया जाना चाहिए था, ताकि करोड़ों रुपये की लागत वाली इस योजना का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।





