छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य सरकार ने करीब 14 साल बाद आरटीई फीस की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाएगी, जो वर्तमान शुल्क संरचना का अध्ययन कर नई दरों की सिफारिश करेगी।
सरकार का मानना है कि पिछले कई वर्षों में शिक्षा की लागत, शिक्षकों के वेतन और स्कूलों के संचालन खर्च में काफी वृद्धि हुई है, जबकि आरटीई के तहत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। निजी स्कूलों की ओर से लंबे समय से फीस बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
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नई फीस संरचना लागू होने से निजी स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेकर नई दरों की घोषणा कर सकती है।





