दिग्गज टेक कंपनी Apple भारत में चल रही जांच के दौरान नियामक एजेंसियों के साथ आवश्यक आंकड़े और दस्तावेज साझा करने को तैयार हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी पर भारी जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है, जिसकी राशि 38 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसी कारण लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए एपल ने सहयोग का रुख अपनाया है।
बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां कंपनी की कारोबारी नीतियों, ऐप स्टोर संचालन और बाजार में प्रतिस्पर्धा से जुड़े कुछ मामलों की जांच कर रही हैं। पहले एपल और जांच एजेंसियों के बीच सूचनाएं साझा करने को लेकर मतभेद थे, लेकिन अब कंपनी ने आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। इससे जांच प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी भी प्रकार के प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कंपनी को भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, एपल का यह कदम भारतीय नियामक संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और संभावित कानूनी जोखिमों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्षों पर उद्योग जगत की नजर बनी रहेगी।


