CG Education News: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना के तहत प्रदेशभर में पहले चरण में 150 उत्कृष्ट स्कूल शुरू किए जाएंगे। इन स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति संविदा आधार पर की जाएगी। शिक्षा विभाग ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पदों के निर्धारण, भर्ती प्रक्रिया और कार्ययोजना तैयार करने हेतु एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति स्कूलों की जरूरतों के अनुसार शिक्षकीय और गैर-शैक्षणिक पदों की संख्या तय करेगी।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए उत्कृष्ट स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। योजना के तहत संचालित होने वाले स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। साथ ही डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, विज्ञान और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सके।
पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, उपायुक्त नेहा सिंह ने दिए सख्त निगरानी के निर्देश
राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया और स्कूल संचालन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जा सकते हैं। पदों की संख्या, योग्यता और चयन प्रक्रिया को लेकर समिति अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल योजना को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल माना जा रहा है। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


