छत्तीसगढ़ में सामने आए पीएचडी फीस घोटाले के मामले में जांच एजेंसियों ने अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोप है कि छात्रों से पीएचडी प्रवेश और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के नाम पर जमा कराई गई लाखों रुपये की फीस का दुरुपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रों की मेहनत की कमाई को कथित रूप से ऑनलाइन बेटिंग और शेयर ट्रेडिंग जैसे जोखिम भरे माध्यमों में लगाया गया, जिससे बड़ी वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने छात्रों से एकत्रित राशि को निर्धारित शैक्षणिक उद्देश्यों में उपयोग करने के बजाय निजी लाभ के लिए खर्च किया। बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच के दौरान कई संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के प्रमाण मिलने का दावा किया गया है। मामले में शामिल लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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इस घोटाले के उजागर होने के बाद प्रभावित छात्रों में भारी नाराजगी है। छात्रों ने उनकी जमा राशि वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब अदालत में पेश किए गए चालान के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी, जबकि जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।


