Supreme Court of India ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) में खाली पदों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि दो महीने के भीतर DERC के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आयोग में लंबे समय से खाली पड़े पदों का असर बिजली नियमन और उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों पर पड़ रहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी नियामक संस्था का प्रभावी ढंग से काम करना जरूरी है और लगातार रिक्त पद प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने और तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कदम पूरे करने को कहा। इस मामले को लेकर पहले भी आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए जा चुके हैं।
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DERC बिजली दरों के निर्धारण, उपभोक्ता शिकायतों और बिजली कंपनियों के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को दिल्ली की बिजली व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि दिल्ली सरकार तय समय के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को किस तरह पूरा करती है।


