छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अब रिटायर हो चुके अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। सरकार ऐसे अधिकारियों की पेंशन रोकने और अन्य सुविधाओं पर रोक लगाने के लिए नया एक्शन प्लान तैयार कर रही है। बताया जा रहा है कि जिन अफसरों पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता या पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप साबित होंगे, उनके खिलाफ रिटायरमेंट के बाद भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठा रही है। कई मामलों में देखा गया है कि अधिकारी सेवा निवृत्ति के बाद जांच प्रक्रिया लंबी होने का फायदा उठा लेते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार अब नियमों में बदलाव कर सकती है, जिससे जांच पूरी होने तक पेंशन और अन्य लाभ रोके जा सकें। इस प्रस्ताव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है।
सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं विपक्ष और कर्मचारी संगठनों की नजर भी इस प्रस्ताव पर टिकी हुई है। यदि यह नीति लागू होती है तो छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और अधिक सख्त हो सकती है।


