अंबिकापुर जिले के धौरपुर क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान वन विभाग के अमले पर गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा किए गए कार्यों और मुआवजा भुगतान में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कई ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अब तक नुकसान का मुआवजा नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में लाखों रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धौरपुर वन परिक्षेत्र में हुए भुगतान और योजनाओं की जांच कर वास्तविक जानकारी सार्वजनिक की जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई मामलों में हितग्राहियों के नाम पर राशि स्वीकृत हुई, लेकिन संबंधित लोगों तक पैसा नहीं पहुंचा। सुशासन तिहार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार प्राप्त आवेदनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान होगा और वन विभाग में कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सकेगा।


