देश में बढ़ते Cryptocurrency निवेश को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जताई है। समिति का मानना है कि बड़ी मात्रा में पैसा विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स की ओर जा रहा है, जिससे देश की वित्तीय व्यवस्था और कर संग्रह पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए समिति ने क्रिप्टो लेनदेन पर सख्त टैक्स व्यवस्था लागू करने की वकालत की है।
रिपोर्ट के अनुसार कई निवेशक घरेलू प्लेटफॉर्म्स की बजाय विदेशी एक्सचेंजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सरकार को टैक्स राजस्व का नुकसान होने की आशंका है। समिति ने कहा कि बिना मजबूत नियमन के क्रिप्टो निवेश वित्तीय जोखिम बढ़ा सकता है। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध फंड ट्रांसफर जैसी गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आने वाले समय में क्रिप्टो सेक्टर के लिए और कड़े नियम लागू कर सकती है। समिति ने सुझाव दिया है कि निवेशकों की सुरक्षा और देश से बाहर जा रहे पैसे पर नियंत्रण के लिए प्रभावी टैक्स नीति और सख्त निगरानी जरूरी है। फिलहाल सरकार डिजिटल एसेट्स से जुड़े नियमों और कर व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा कर रही है।


