देश में लगातार बढ़ती महंगाई अब खपत और आर्थिक विकास पर असर डालती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उपभोक्ताओं की खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो इसका सीधा असर देश की विकास दर पर पड़ सकता है। खासतौर पर Fast-moving consumer goods industry सेक्टर में मांग कमजोर होने की आशंका ने बाजार और कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक खाद्य पदार्थों, ईंधन और रोजमर्रा के सामान की बढ़ती कीमतों के कारण लोग खर्च में कटौती कर रहे हैं। इसका असर FMCG कंपनियों की बिक्री पर भी दिखाई देने लगा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ता मांग में सुस्ती देखी जा रही है, जिससे कंपनियां आने वाले महीनों को लेकर सतर्क नजर आ रही हैं।
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आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं हुआ, तो उपभोक्ता खर्च और निवेश दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इससे देश की जीडीपी वृद्धि दर पर दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि सरकार और रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही जा रही है।


