भारत में होने वाले अधिकांश डिजिटल पेमेंट UPI के जरिए किए जाते हैं। इनमें PhonePe, GPay, Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है। साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे का कहना है कि वो कभी भी इन ऐप्स के जरिए यूपीआई पेमेंट करने की सलाह नहीं देते हैं। आखिर, इन थर्ड पार्टी ऐप्स से यूपीआई पेमेंट क्यों नहीं करना चाहिए? साइबर एक्सपर्ट ने एक वीडियो के जरिए समझाया है।
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PhonePe, GPay जैसे ऐप्स से न करें पेमेंट
हाल ही में साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे का एक पॉडकास्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने फोनपे, जीपे (गूगल पे), पेटीएम जैसे यूपीआई ऐप्स से पेमेंट नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने वीडियो में कहा कि वो नॉर्मली जो UPI ऐप्स हैं, उनको रेकोमेंड नहीं करते हैं। वो कहते हैं कि बैंकिंग ऐप से ही UPI पेमेंट करना चाहिए। जैसे कि ICICI बैंक है या Kotak Mahindra Bank है, SBI है, उनके ऐप्स में भी UPI पेमेंट करने का फीचर होता है।
साइबर एक्सपर्ट ने पॉडकास्ट में बताया कि लोगों को अपने फोन में अलग से UPI ऐप्स रखने की जरूरत ही नहीं है, जैसे- Google Pay, BharatPe, PhonePe… इसका कोई सेंस नहीं है, क्योंकि ये ऐप सच में कुछ करती नहीं हैं, जो करता है NPCI ही करता है। इन ऐप्स के पास पेमेंट पावर नहीं है। ये NPCI को रिक्वेस्ट करती हैं, फिर पेमेंट प्रोसेस होता है। असली काम तो NPCI कर रहा है। ये तो बस एग्रीगेटर का काम करते हैं।
साइबर एक्सपर्ट ने बताई वजह
अमित दुबे ने PhonePe, GPay, Paytm जैसे UPI ऐप्स से पेमेंट न करने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि मान लीजिए आप Paytm से यूपीआई ट्रांजैक्शन करते हैं और कोई फ्रॉड हो जाता है या PhonePe से या अन्य किसी ऐप से…आप उन ऐप्स के कस्टमर केयर से बात करेंगे तो वो बताएंगे कि उनके पास ऐसी कोई डिटेल नहीं है। वो तो केवल NPCI को रिक्वेस्ट भेजते हैं। ऐसी सिचुएशन में लोगों को NPCI के बारे में पता चलता है। फ्रॉड होगा तो कहां कॉन्टैक्ट करने वाले हो?
साइबर एक्सपर्ट ने कहा कि अगर वहीं, आप PhonePe, GooglePe, Paytm जैसे ऐप्स की बजाय बैंकिंग ऐप से UPI पेमेंट कर रहे हैं तो बैंक कई चीजों का ख्याल रखेगा क्योंकि आपने उनके ऐप का इस्तेमाल किया है। आपको बैंक की तरफ से एक भरोसेमंद रिलेशनशिप मैनेजर मिलेगा अपनी बात समझाने के लिए। आपके पास कॉन्टैक्ट नंबर है, कुछ तो है।
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फ्रॉड होने पर क्या करें?
उन्होंने बैंकिंग ऐप्स से UPI करने की सलाह दी है और सुरक्षित बताया है। अगर, कोई फ्रॉड होता है तो बैंकिंग ऐप्स अपने ग्राहक की बेहतर मदद कर पाएंगे। लोगों के पास अपनी बात रखने के लिए प्लेटफॉर्म मिलेगा। नॉर्मल UPI ऐप्स ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के लिए NPCI को रिक्वेस्ट भेजते हैं, फिर NPCI संबंधित अकाउंट्स के जरिए इस प्रक्रिया को पूरी करता है। ऐसे में ये एग्रीगेटर ऐप्स केवल स्किन की तरह काम करते हैं। असली काम तो NPCI के एंड पर किया जाता है। किसी तरह का फ्रॉड होने पर आप साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 से संपर्क कर सकते हैं।


