भारत ने व्यापार घाटा कम करने के लिए नई रणनीति पर काम तेज कर दिया है। सरकार का फोकस China को निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता घटाने पर है। अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, केमिकल्स और एग्री प्रोडक्ट्स जैसे सेक्टरों में भारतीय निर्यात की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिनके जरिए व्यापार संतुलन सुधारने की कोशिश की जाएगी।
Government of India की योजना के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने, सप्लाई चेन मजबूत करने और स्थानीय उद्योगों कोa प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के जरिए आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रणनीति सफल रहती है, तो इससे न केवल व्यापार घाटा कम होगा बल्कि भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी भी मजबूत होगी। आने वाले समय में भारत-चीन व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।


