पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM) की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात तेजी से बदल रहे हैं और भारत को हर परिस्थिति के लिए सतर्क रहना होगा।
बैठक में विदेश, रक्षा और ऊर्जा समेत कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य फोकस भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा सप्लाई और समुद्री मार्गों की निगरानी पर रहा। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को आपातकालीन योजनाएं तैयार रखने और समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
read also: ट्रंप की ‘आखिरी चेतावनी’: डील नहीं मानी तो अंधेरे में डूबेगा ईरान, पाकिस्तान में फिर होगी वार्ता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों और देश के रणनीतिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है।


