आर्थिक संकट से जूझ रहे Pakistan को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को United Arab Emirates ने 3.5 अरब डॉलर के कर्ज की वापसी को लेकर सख्त रुख दिखाया है। माना जा रहा है कि यह राशि पहले जमा समर्थन या रोलओवर व्यवस्था के तहत दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, यूएई की ओर से कर्ज वापसी की मांग ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार और ऋण संकट से जूझ रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि तत्काल भुगतान का दबाव बढ़ा तो इस्लामाबाद की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। इससे पाकिस्तान की वित्तीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और आर्थिक दबाव के बीच पाकिस्तान के लिए संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण होगा। कर्ज वापसी की मांग से क्षेत्रीय राजनीति और आर्थिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।


