बिलासपुर। प्रदेश की जर्जर सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल परियोजनाओं की घोषणा या काम शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूरे हों। इसके लिए कोर्ट ने निरंतर मॉनिटरिंग की आवश्यकता जताई है।
सरकार और NHAI ने कोर्ट को दी जानकारी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बताया कि प्रदेश में सड़क सुधार को लेकर कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने शपथ पत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत कराया कि—
- पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक तक सड़कों के लिए ₹4079 लाख का बजट स्वीकृत
- सीपत-बलौदा रोड का टेंडर पूरा
- श्रीकांत वर्मा चौक–सीएमडी चौक कार्य को मंजूरी
- मोपका–सेंदरी बाईपास का टेंडर जल्द जारी
- मंगला चौक–दीनदयाल उपाध्याय नगर तक चौड़ीकरण कार्य जारी
रुका हुआ 2 किमी हाईवे पैच अब खुलेगा
NHAI ने बताया कि कोरबा–कटघोरा (NH-130) मार्ग पर जमीन विवाद के कारण रुका 2 किलोमीटर का निर्माण कार्य अब सुलझ गया है।
- ₹20.13 करोड़ की लागत से नया टेंडर जारी
- जनवरी 2026 से कार्य प्रारंभ
- लक्ष्य: मानसून से पहले इस पैच को पूरा करना
साथ ही कटघोरा–गोपालपुर (NH-149B) मार्ग पर ₹22.48 करोड़ की लागत से मजबूतीकरण कार्य तेज़ी से जारी है।
PWD सचिव से ताज़ा प्रगति रिपोर्ट तलब
कोर्ट ने राज्य सरकार और NHAI को अगली सुनवाई तक ताज़ा स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही PWD सचिव को विशेष रूप से सभी प्रोजेक्ट्स की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी।


