वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत में एक बार फिर Russia से कच्चे तेल के आयात में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, जबकि Iraq भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रियायती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए आकर्षक बना हुआ है, जिसके चलते आयात में फिर तेजी आ सकती है। यह कदम देश की ऊर्जा जरूरतों को संतुलित करने और लागत कम रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में हालात और Strait of Hormuz से जुड़े जोखिम, क्रूड ऑयल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। अगर आपूर्ति में बाधा आती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ सकते हैं, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ेगा।
read also: CG में कार्रवाई: 8 पंचायत सचिव सस्पेंड, 1.19 करोड़ के अनियमित भुगतान पर कसा शिकंजा
हालांकि, भारत सरकार और तेल कंपनियां विभिन्न स्रोतों से आयात को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं ताकि कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव से बचा जा सके। आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक आपूर्ति, भू-राजनीतिक तनाव और मांग के स्तर पर निर्भर करेंगी, जिस पर निवेशकों और आम उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है।


