भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) हालिया आंकड़ों के अनुसार सात अरब डॉलर से अधिक घटकर 709 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। Reserve Bank of India द्वारा जारी आंकड़ों में यह गिरावट वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर मानी जा रही है। इससे पहले लगातार बढ़त के बाद यह कमी नीति-निर्माताओं और बाजार विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये को स्थिर बनाए रखने के लिए आरबीआई द्वारा किए गए हस्तक्षेप, विदेशी निवेश में उतार-चढ़ाव और आयात बिल में वृद्धि जैसे कारकों ने भंडार पर दबाव डाला है। हालांकि, इसके बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी मजबूत स्थिति में माना जा रहा है, जो कई महीनों के आयात को कवर करने में सक्षम है।
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आर्थिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है और वैश्विक बाजार स्थिर होने के साथ इसमें सुधार देखने को मिल सकता है। आरबीआई स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने के संकेत भी दिए हैं, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था को किसी बड़े झटके से बचाया जा सके।


