Supreme Court of India में प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश Dhananjaya Y. Chandrachud ने अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हर मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना सही नहीं है और ऐसे मामलों के लिए निचली अदालतों और स्थानीय प्रशासन के पास भी पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।
सीजेआई ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा की मांग करने वाले जोड़ों को पहले संबंधित हाई कोर्ट या स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का समय और संसाधन अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों के लिए सुरक्षित रहना चाहिए, इसलिए हर छोटी-बड़ी याचिका यहां लाना न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक दबाव डालता है।
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अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि किसी मामले में तत्काल खतरा हो, तो संबंधित प्राधिकरणों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इस टिप्पणी को न्यायिक प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।


