देश में बढ़ते ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामलों को लेकर Supreme Court of India ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए अगले सप्ताह सुनवाई करने का फैसला किया है। हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल या फोन के जरिए डराकर पैसे ऐंठते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की धोखाधड़ी को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए संबंधित एजेंसियों से जवाब तलब करने के संकेत दिए हैं। अदालत यह भी देखेगी कि ऐसे साइबर अपराधों को रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में लोगों को इससे कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। कोर्ट की सुनवाई से उम्मीद है कि इन मामलों पर सख्त दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं, जिससे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


