रायपुर। Ramen Deka ने धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2006 को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटा दिया है, जिससे राज्य में नया धर्म स्वतंत्रता विधेयक लाने का रास्ता साफ हो गया है। यह विधेयक वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Raman Singh की सरकार के दौरान विधानसभा से पारित किया गया था और अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था।
लंबे समय बाद राष्ट्रपति द्वारा विधेयक वापस भेजे जाने के बाद राज्यपाल ने भी इसे पुनर्विचार के लिए विधानसभा को भेज दिया है। अब राज्य सरकार इस विषय पर नया धर्म स्वतंत्रता विधेयक सदन में पेश कर सकती है।
यदि विधानसभा में नया विधेयक पारित हो जाता है, तो राज्य में धर्मांतरण से जुड़े प्रावधानों को लेकर नया कानून लागू करने का रास्ता खुल जाएगा। सरकार अब संशोधित प्रावधानों के साथ नए विधेयक को सदन में लाने की तैयारी कर सकती है।


