China ने एक बार फिर अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे एशिया में सामरिक संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजिंग ने अपनी सेना के आधुनिकीकरण, नई सैन्य तकनीक के विकास और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा खर्च बढ़ाया है। इस कदम को क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की बढ़ती सैन्य ताकत का सीधा असर उसके पड़ोसी देशों पर पड़ सकता है, खासकर India, Japan और Taiwan जैसे देशों के लिए यह एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकती है। दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बीच चीन अपनी सैन्य क्षमता को तेजी से मजबूत कर रहा है।
राष्ट्रपति Xi Jinping के नेतृत्व में चीन ने पिछले कुछ वर्षों में People’s Liberation Army के आधुनिकीकरण पर खास जोर दिया है। नए युद्धपोत, मिसाइल सिस्टम और आधुनिक लड़ाकू विमानों के विकास के जरिए चीन अपनी सैन्य शक्ति को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।


