रंगों के महापर्व होली के बाद आज भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। सनातन परंपरा में चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करती हैं।
आज का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि 4 मार्च 2026 को शाम 4:48 बजे शुरू होकर 5 मार्च 2026 को शाम 5:03 बजे तक रहेगी। ऐसे में आज भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाई को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 बजे से 12:56 बजे के बीच तिलक लगा सकती हैं।
भाई दूज की पूजा विधि
इस दिन भाई-बहन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और सबसे पहले अपने इष्ट देव की पूजा करते हैं। इसके बाद घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में भाई को इस तरह बैठाया जाता है कि उसका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रहे।
इसके बाद बहनें भाई के सिर पर रुमाल या कपड़ा रखकर रोली, चंदन, अक्षत और गुलाल से तिलक लगाती हैं। तिलक के बाद घी का दीपक जलाकर भाई की आरती की जाती है और उसे मिठाई खिलाई जाती है। अंत में भाई बहन से आशीर्वाद लेकर उसे अपनी क्षमता के अनुसार उपहार देता है।
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाई दूज का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। होली के रंगोत्सव के बाद मनाया जाने वाला यह पर्व परिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।


