नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच संघर्ष और जटिल होता जा रहा है। खुफिया इनपुट के मुताबिक नक्सली अब सूखे पत्तों, पेड़ों की जड़ों और कच्चे रास्तों के नीचे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) छिपाकर सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं। जंगलों के चप्पे-चप्पे पर बिछाए गए विस्फोटकों के कारण अभियान और भी जोखिमभरा हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, कई स्थानों पर IED इतने कुशल तरीके से छिपाए गए हैं कि खोजी कुत्ते भी गुमराह हो रहे हैं। नक्सली प्राकृतिक वातावरण का फायदा उठाकर ऐसे जाल बिछा रहे हैं, जिनका पता लगाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल के अभियानों में सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में IED बरामद कर निष्क्रिय किए हैं, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
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सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि निर्णायक लड़ाई के इस दौर में तकनीकी उपकरणों, ड्रोन निगरानी और विशेष बम निरोधक दस्तों की मदद से अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों की रणनीति के बावजूद सुरक्षाबल संयम और सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


