नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने फर्जी पासपोर्ट और जालसाजी के मामले में आरोपी को सजा दिलाई है। चेन्नई के एग्मोर स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी उबैदुल्लाह (उर्फ एफ. हमीद, उर्फ उबैतुल्लाह खान फैजल) को 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
सीबीआई ने यह मामला 31 दिसंबर 2018 को दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर अलग-अलग नामों से कई पासपोर्ट बनवाए थे। वह इन फर्जी पासपोर्टों का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए कर रहा था। चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिंगापुर जाने के दौरान कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ा, जहां उसके पास लगभग 36.74 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा अवैध रूप से मिली।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 13 मार्च 2020 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जालसाजी, धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन का दोषी पाया। यह कार्रवाई पासपोर्ट जालसाजी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एजेंसियों की सख्ती को दर्शाती है।


