नई दिल्ली। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) 23 फरवरी को बिजली क्षेत्र पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। इस सम्मेलन में केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के शीर्ष अधिकारी, ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ प्रतिनिधि और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य बिजली वितरण, वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा करना है।
बताया जा रहा है कि बैठक में पावर सेक्टर की वित्तीय स्थिति, वितरण कंपनियों (DISCOMs) के घाटे, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और ऑडिट निष्कर्षों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञ बिजली सुधारों की प्रगति, सब्सिडी प्रबंधन और स्मार्ट मीटरिंग जैसी पहलों की समीक्षा भी करेंगे।
यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है और राज्यों की बिजली कंपनियां वित्तीय दबाव का सामना कर रही हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिजली क्षेत्र में सुधार की दिशा को मजबूती मिल सकती है।


