देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर लगभग 620 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) का रहा, जबकि सोने के भंडार और SDR में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार भारत के लिए करीब 10 से 11 महीनों के आयात को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। मजबूत फॉरेक्स रिजर्व से रुपये को स्थिरता मिलती है और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौरान देश की आर्थिक स्थिति को सहारा मिलता है। रिजर्व बैंक की सतर्क नीति और पूंजी प्रवाह में सुधार को इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।


