EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) लगभग 11 साल बाद पहली बार न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जिससे लाखों पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल EPS-95 योजना के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है, जो लंबे समय से महंगाई और खर्च की बढ़ती कीमतों के बीच पर्याप्त नहीं रही है। कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की ओर से इसका बढ़कर कम से कम ₹2,500 तक करने की मांग उठी है, और सरकार इस पर गंभीरता से मंथन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र मोदी सरकार बजट 2026 के दौरान इस मुद्दे पर बड़ा ऐलान कर सकती है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
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EPFO की सबसे अहम शीर्ष संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने इस प्रस्ताव पर पहले भी चर्चा की है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी बैठक या सरकार के बजट घोषणा में न्यूनतम पेंशन वृद्धि का निर्णय आ सकता है। पेंशनर्स और उनके परिवार के लिए यह बदलाव खासा महत्वपूर्ण होगा क्योंकि पिछले दशक में महंगाई ने खर्चों को काफी बढ़ा दिया है। हालांकि पेंशन बढ़ोतरी की अंतिम मंजूरी के लिए सरकार की हरी झंडी की आवश्यकता होगी, लेकिन पेंशनर्स को इस साल के अंत तक सकारात्मक कदम मिलने की संभावना मजबूत बनी हुई है।


