Chemical Sector को लेकर जारी नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के रसायन उद्योग पर चीन से बढ़ता दबाव एक अहम चुनौती बन सकता है। नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की विशाल ओवरकैपेसिटी और कम लागत पर उत्पादन, वैश्विक बाजार में कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा कठिन होती जा रही है। यही नहीं, ऊंची कच्चे तेल और फीडस्टॉक की कीमतें तथा डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती भी मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पश्चिमी देशों—विशेष रूप से यूरोप और अमेरिका—में कमजोर मांग से भारतीय रसायन उत्पादों की निर्यात वृद्धि पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की निर्यात क्षमता और वैश्विक कीमतों पर नियंत्रण भारतीय उद्योग के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं, जिससे नीति सुधार और निर्यात-उन्मुख रणनीतियों की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई है।


