छत्तीसगढ़ में आयोजित लोक कला महोत्सव में इस वर्ष कोण्डागांव जिले ने शानदार प्रदर्शन किया। जिले के लिंगों घोटुल मांदरी नृत्य दल ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से दर्शकों और निर्णायकों का दिल जीतते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने न केवल कलाकारों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि कोण्डागांव जिले की कला-संस्कृति को नई पहचान भी दिलाई।
महोत्सव के दौरान मांदरी नृत्य दल ने पारंपरिक वेशभूषा, मनमोहक ताल-लय और ऊर्जावान कदमों के साथ ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा मंच उत्सव के रंग में रंग गया। उनकी प्रस्तुति आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सामंजस्य का सुंदर चित्रण थी, जिसे देख दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
निर्णायक मंडल ने लयबद्धता, समन्वय, पारंपरिक शैली और रचनात्मक प्रस्तुतिकरण के आधार पर लिंगों घोटुल मांदरी समूह को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया। टीम के प्रमुख कलाकारों ने अपनी जीत का श्रेय जिले के लोगों, अपने गुरुओं और नियमित अभ्यास को दिया।
कोण्डागांव जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि पर नृत्य दल को बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।
यह जीत न केवल सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्रीय कला व लोक परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर आगे ले जाने का मजबूत कदम भी है।


