अंबिकापुर में शुक्रवार सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) की टीम ने पशु उप-संचालक के शासकीय निवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित आबकारी और DMF (District Mineral Foundation) घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गई है। टीम ने तड़के ही आवास को घेर लिया और कई घंटों तक दस्तावेज खंगाले।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को संदेह है कि विभागीय खरीद और आपूर्ति में अनियमितताओं के जरिए बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ उठाया गया। इसी कड़ी में अंबिकापुर समेत दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर में भी एक साथ दबिशें दी जा रही हैं।
कार्रवाई केवल अधिकारी तक सीमित नहीं रही। ACB-EOW की टीम ने सप्लायर अमित अग्रवाल और मनोज अग्रवाल के ठिकानों पर भी रेड की है। दोनों पर फर्जी बिल, अनियमित टेंडर प्रक्रिया और आपूर्ति में गड़बड़ियों के आरोपों की जांच चल रही है। टीम ने इनके घर और दफ्तरों से कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध फाइलें जब्त की हैं।
छापेमारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है। अधिकारी अभी इस मामले में आधिकारिक बयान जारी करने से बच रहे हैं, लेकिन जांच एजेंसी का कहना है कि आवश्यक सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
ACB-EOW की यह संयुक्त कार्रवाई प्रदेश में चल रही संवेदनशील वित्तीय जांचों में अब तक की सबसे प्रमुख छापेमारियों में से एक मानी जा रही है।


