छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद मुख्यमंत्री साय ने इसे वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक उपलब्धि बताया है। हिडमा देश के सबसे खतरनाक नक्सल नेताओं में से एक माना जाता था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड भी रहा। उसकी मौत को सुरक्षा एजेंसियों और राज्य सरकार ने नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रेस बयान में कहा कि यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की साहसिक कार्रवाई और वर्षों की रणनीतिक योजना का परिणाम है। उन्होंने बताया कि हिडमा लंबे समय से सुरक्षा बलों के निशाने पर था और उसके खात्मे से नक्सलियों की कमान व नेटवर्क दोनों कमजोर पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने इस सफलता के लिए जवानों की वीरता की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पूरी मजबूती के साथ उग्रवाद मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प पर काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान सुरक्षाबलों का सामना हिडमा और उसके दस्ते से हुआ। मुठभेड़ में कई नक्सली ढेर हुए, जबकि बाकी जंगलों में भाग निकले। अधिकारियों का मानना है कि हिडमा के मारे जाने से दक्षिण बस्तर में नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर काम तेज़ी से जारी रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उग्रवाद का अंत अब दूर नहीं, और यह सफलता उसी दिशा में अहम कदम है।





