मध्य-पूर्व में शक्ति संतुलन बदलने की दिशा में बड़ा कदम तब देखने को मिला, जब भारत के करीबी दोस्त खाड़ी देश—खासकर कतर और यूएई—ने फ्रांसीसी Rafale लड़ाकू विमानों की नई स्क्वाड्रन तैनात कर अपनी हवाई क्षमता में जबरदस्त इजाफा कर लिया। अत्याधुनिक रडार, Meteor मिसाइल और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम से लैस Rafale ने अमेरिकी F-16 पर बढ़त हासिल करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण ही बदल दिए हैं।
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वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि उनका देश अब भी F-16 अपग्रेड पैकेज का इंतजार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों की नई Rafale क्षमता तुर्की की सैन्य बढ़त को चुनौती दे सकती है और आने वाले समय में उसका क्षेत्रीय दबदबा भी कमजोर पड़ सकता है।


