राम मंदिर में पहली बार होगा ध्वजारोहण: अयोध्या में तैयारियां जोरों पर
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण की ऐतिहासिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह अवसर धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है, क्योंकि यह न केवल भगवान श्रीराम की भव्य उपासना का प्रतीक है, बल्कि आस्था, विजय और समर्पण का भी प्रतीक है।
कब होगा राम मंदिर में ध्वजारोहण?
राम मंदिर में ध्वजारोहण की तिथि [यहां तिथि अपडेट होगी जैसे: 17 नवंबर 2025 (सोमवार)] तय की गई है। इस दिन मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, वेद पाठ और भजन संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त
धर्माचार्यों के अनुसार, राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त या विजय मुहूर्त का चयन किया गया है।
शुभ मुहूर्त: प्रातः 11:44 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
तिथि: [उक्त तिथि अनुसार]
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र
वार: सोमवार (भगवान शिव को समर्पित दिन, जो रामभक्तों के लिए भी शुभ माना जाता है)
ध्वजारोहण का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में ध्वज विजय, धर्म और दिव्यता का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जहां धर्म का ध्वज लहराता है, वहां भगवान की कृपा बनी रहती है।
राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने का अर्थ है—
अधर्म पर धर्म की विजय
श्रीराम की अयोध्या में पुनर्स्थापना
और सनातन आस्था का गौरव पुनः स्थापित होना
ध्वज का स्वरूप कैसा होगा?
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, ध्वज केसरिया रंग का होगा जिस पर भगवान हनुमान जी का प्रतीक चिन्ह अंकित रहेगा। इसे विशेष वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच फहराया जाएगा। ध्वज की लंबाई लगभग 18 फीट और चौड़ाई 12 फीट होगी।
अयोध्या में माहौल भक्तिमय
ध्वजारोहण के दिन अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर को दीयों, पुष्पों और भगवा पताकाओं से सजाया जा रहा है।


