अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से सबको चौंका दिया है। जहां कुछ हफ्ते पहले तक वे H-1B वीजा पॉलिसी पर सख्त रुख अपनाने की बात कर रहे थे, वहीं अब उन्होंने इसके फायदे गिनाने शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि “अमेरिका को टैलेंटेड और स्किल्ड लोगों की जरूरत है”, और यही वीजा व्यवस्था अमेरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर की सफलता का अहम हिस्सा है।
दो महीने पहले दी थी चेतावनी
सिर्फ दो महीने पहले, ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा था कि अगर वे दोबारा सत्ता में आते हैं तो H-1B वीजा सिस्टम की समीक्षा की जाएगी ताकि “अमेरिकियों के लिए नौकरियां सुरक्षित” की जा सकें। उस समय उनके इस बयान से भारतीय IT प्रोफेशनल्स में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि इस वीजा का सबसे ज्यादा लाभ भारतीयों को ही मिलता है।
अब किया H-1B वीजा का बचाव
लेकिन अब, ट्रंप ने अपने नवीनतम बयान में कहा कि H-1B वीजा अमेरिका की तकनीकी बढ़त का आधार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “अमेरिका की सफलता उन लोगों की वजह से है जो दुनिया भर से यहां आकर योगदान दे रहे हैं।” इस बयान को ट्रंप के इमिग्रेशन पॉलिसी में सॉफ्टनिंग (नरमी) के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीयों को बड़ी राहत
ट्रंप के इस बदले रुख से लाखों भारतीय इंजीनियर्स, टेक एक्सपर्ट्स और स्टार्टअप प्रोफेशनल्स को राहत मिली है। गौरतलब है कि H-1B वीजा के तहत हर साल लगभग 70% से ज्यादा वीजा भारतीय नागरिकों को मिलते हैं।
चुनावी रणनीति भी मानी जा रही
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए भी रणनीतिक हो सकता है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के वोटर्स हैं, जो अब एक प्रभावशाली वोट बैंक बन चुके हैं।
क्या है H-1B वीजा
H-1B वीजा एक वर्क परमिट वीजा है जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां विदेशी पेशेवरों को टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, साइंस, रिसर्च और मेडिकल जैसे क्षेत्रों में काम करने का मौका देती हैं।


