अमेरिका जाने का सपना देखने वालों के लिए अब एक नया झटका सामने आया है। अमेरिकी सरकार (US Government) ने अपने वीजा और इमिग्रेशन नियमों में हेल्थ से जुड़ा नया बदलाव किया है, जिसके तहत अत्यधिक मोटापे (Obesity) से पीड़ित लोगों को अब वीजा मिलने में मुश्किलें आ सकती हैं। यह नियम खास तौर पर स्टूडेंट वीज़ा, वर्क वीज़ा (H1B, L1) और स्थायी निवास (PR) आवेदन करने वालों के लिए लागू किया जा रहा है।
क्या है नया नियम?
अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (USCIS) और स्वास्थ्य एजेंसी CDC के नए निर्देशों के मुताबिक, “जो व्यक्ति Body Mass Index (BMI) के आधार पर गंभीर मोटापे की श्रेणी में आते हैं, उन्हें ‘Health Risk’ माना जाएगा।” ऐसे व्यक्तियों के आवेदन पर अतिरिक्त मेडिकल जांच की जाएगी, और अगर रिपोर्ट में यह साबित होता है कि व्यक्ति को हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर, या डायबिटीज़ जैसी बीमारियाँ हैं, तो उनका वीजा अस्थायी रूप से रिजेक्ट या होल्ड किया जा सकता है।
स्टूडेंट्स और वर्कर्स पर असर
नया नियम विदेश में पढ़ाई या नौकरी करने की चाह रखने वाले भारतीय युवाओं के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की यह नीति हेल्थ और मेडिकल कॉस्ट को कंट्रोल करने की कोशिश है, लेकिन इससे लाखों आवेदकों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है। “अब केवल शैक्षणिक योग्यता या जॉब स्किल्स ही नहीं, बल्कि हेल्थ रिपोर्ट भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी,” ऐसा कहना है इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का।
सोशल मीडिया पर विरोध
यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है। कई यूजर्स ने इसे “डिस्क्रिमिनेशन ऑन हेल्थ बेसिस” बताया है।
कुछ ने कहा — “मोटापा बीमारी नहीं, एक स्थिति है। ऐसे में वीज़ा से इंकार करना गलत है।”
क्या करें अगर BMI ज्यादा है?
अगर आपका BMI 30 से ऊपर है, तो आवेदन से पहले यह जरूरी है कि आप:
- नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं
- डॉक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट लें
- आहार और व्यायाम पर ध्यान दें
- आवेदन में सही मेडिकल रिपोर्ट अटैच करें
इससे आपका आवेदन मजबूत रहेगा और किसी भी हेल्थ-आधारित रिजेक्शन की संभावना कम होगी।
अमेरिका की मंशा क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका की बढ़ती हेल्थकेयर कॉस्ट को नियंत्रित करने के लिए है। हर साल लाखों वर्कर्स और स्टूडेंट्स के इलाज और बीमा पर भारी खर्च आता है। नए नियमों से सरकार का उद्देश्य है — “केवल शारीरिक रूप से फिट और कामकाजी रूप से सक्षम लोगों को प्राथमिकता देना।”


