आजकल अधिकतर लोगों को नजर का चश्मा लगा होता है. आंखें कमजोर होने के साथ-साथ कई लोगों की आंखों से पानी आने की समस्या या आंखों में जलन भी होती है. ऐसे में इन सब इंडीकेशन को नजरअंदाज करना काफी खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर्स का मानना हैं कि ये सभी परेशानियां काफी देर तक मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन देखने, पोषक तत्वों की कमी या नींद की कमी के होती हैं. ऐसे में आंखों का ख्याल रखना जरूरी है.
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कई लोग बार-बार ये संकेत दिखने पर भी इन्हें नजरअंदाज करते चले जाते हैं और बाद में इसका खामियाजा उन्हें अपनी आइसाइट गवाकर भरना पड़ता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किन आदतों की वजह से आंखों को हो सकता है नुकसान. नेशनल आई इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट बताती है कि स्क्रीन देखने की वजह से अब शहर में ज्यादातर युवाओं में आइ स्ट्रेन के चलते ड्राई आइज की समस्या बढ़ गई है.
मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि हर इंसान आज दिन का 6-8 घंटे अपने मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन पर ही खर्च करता है, जिससे लगातार स्क्रीन देखने से हमारा आइ ब्लिंकिंग रेट कम हो गया है. इसके अलावा एसी भी आंखों के लिए हानिकारक है. ये आंखों की नमी को तेजी से कम करता है, जिससे ड्राई आइज का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है.
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साथ ही, नींद की कमी भी आंखों की समस्या के लिए जिम्मेदार होती है. रात भर जागकर फोन चलाने की आदत से आंखों में धुंधलापन आने लगता है और आंखें सूख जाती हैं. खाने में ओमेगा 3, विटामिन ए और कम पानी पीने की वजह से भी ड्राई आइज के साथ-साथ नजर भी कमजोर हो जाती है. इसलिए अपनी आंखों का ज्यादा से ज्यादा ख्याल रखें और स्क्रीन को कम से कम देर के लिए देखें.


