पश्चिम बंगाल में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रहे विवाद के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री Amartya Sen को बड़ी राहत मिली है। संशोधित मतदाता सूची में उनका नाम शामिल कर लिया गया है, जिससे पिछले दिनों उठे सवालों पर विराम लग गया। मतदाता सूची से नाम हटने की खबर सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।
चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि SIR प्रक्रिया के तहत सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा था और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद नाम जोड़ा गया। विपक्षी दलों ने इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए थे, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची का सटीक और पारदर्शी होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। अमर्त्य सेन जैसे प्रतिष्ठित नागरिक का नाम शामिल होना इस बात का संकेत है कि आपत्तियों के बाद प्रक्रिया की समीक्षा की गई। अब निगाहें इस बात पर हैं कि SIR को लेकर उठे अन्य विवादों का समाधान किस तरह किया जाएगा।


