पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Iran और United States के बीच संभावित मध्यस्थता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कूटनीतिक पहल नहीं हुई तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार पर पड़ सकता है। कई देशों से संवाद और शांति की अपील की जा रही है ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को बड़े युद्ध में बदलने से रोका जा सके।
इसी मुद्दे पर विपक्षी दल Indian National Congress ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत को अधिक सक्रिय कूटनीतिक भूमिका निभानी चाहिए और शांति स्थापित करने के प्रयासों में आगे आना चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से स्पष्ट रणनीति पेश करने और भारत के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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पार्टी नेताओं का तर्क है कि India जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को वैश्विक मंच पर संतुलित और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि इस संकट का असर तेल कीमतों, व्यापार और आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कूटनीतिक पहल जरूरी है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता कायम हो सके।


