विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 में वैश्विक राजनीति से जुड़ी बड़ी घोषणाएं सामने आई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंच के दौरान ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और कूटनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वैश्विक स्थिरता के लिए बड़े देशों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।
वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने WEF में बोर्ड ऑफ पीस की सदस्यता को लेकर एक अनोखा प्रस्ताव पेश किया। पुतिन ने सुझाव दिया कि सदस्यता केवल राजनीतिक सहमति तक सीमित न रहकर, संघर्ष समाधान और आर्थिक सहयोग में वास्तविक योगदान से जोड़ी जानी चाहिए। उनके इस प्रस्ताव को कुछ देशों ने सकारात्मक बताया, जबकि कुछ ने इस पर और चर्चा की जरूरत जताई।
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WEF 2026 में इन बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के हस्ताक्षर और पुतिन के प्रस्ताव से वैश्विक कूटनीति की दिशा में नए समीकरण बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि बोर्ड ऑफ पीस को लेकर दुनिया के बड़े देश किस तरह की भूमिका निभाते हैं।


