Bharat Tiwari Encounter Protest: बिहार के भोजपुर में पिछले दिनों हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामला थमता नजर नहीं आ रहा है. नेताओं के साथ-साथ आम जनता भी अब भरत तिवारी के घर पहुंच रही है. पूरे मामले पर पुलिस विभाग की तरफ से भी गलती स्वीकार कर ली गई है. इन सब के बीच अब भरत के गांव का एक युवक वहां आमरण अनशन पर बैठ गया है. उसने अनशन पर बैठने से पहले बाकायदा अपना सिर भी मुड़वा लिया है.
भरत तिवारी का बिलौटी में है, वहीं पर बेतिया के रहने वाले सचिन मिश्रा ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है. सचिन की मांग है कि सूबे के सीएम सम्राट चौधरी बिलौटी गांव आएं और भरत के घरवालों से माफी मांगें.
क्या है अनशन पर बैठे युवक की मांग?
युवक का साफ तौर पर कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां पहुंच करके परिवार से माफी नहीं मांगते हैं. तब तक उनका अनशन जारी रहेगा, क्योंकि यह सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं है. ये मामला बिहार के हर एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है. यहां आवाज उठाने वालों को अब केवल और केवल मौत ही मिल रही है. इसीलिए सरकार की माफी जरूरी है.
एनकाउंटर पर सियासत जारी
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी भारी घमासान मचा हुआ है. विपक्ष लगातार पुलिस की इस कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है. दूसरी तरफ पक्ष के भी कई नेता भरत तिवारी के घर पर पहुंचे हैं.
हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
इस घटना को लेकर बढ़ते विवाद को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. एडीजी ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज करेंगे. वहीं मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है.





