मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त Gyanesh Kumar ने कहा है कि मतदाता सूची में केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों के नाम शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप है और इसकी विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का सवाल नहीं उठता।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य अपात्र, मृत या दोहराव वाले नामों को हटाना और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया की न्यायिक स्तर पर भी समीक्षा हुई है और यह सुप्रीम कोर्ट की जांच एवं कानूनी कसौटी पर भी खरा उतरा है। निर्वाचन आयोग लगातार तकनीकी और प्रशासनिक उपायों के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस बयान को आगामी चुनावों की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव के लिए सटीक मतदाता सूची सबसे अहम आधार है। वहीं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयोग ने अपनी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और कानूनसम्मत बताया है।


