अमेरिका में संसदीय समिति के सामने पेश हुए विशेषज्ञों ने कहा कि India और China के रिश्तों में हाल के महीनों में कुछ नरमी और संवाद की पहल जरूर दिखी है, लेकिन दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा अभी भी कायम है। विशेषज्ञों के मुताबिक सीमा वार्ता, व्यापार और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की कोशिशें जारी हैं, फिर भी भू-राजनीतिक हितों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
यह टिप्पणी United States की एक संसदीय समिति की सुनवाई के दौरान सामने आई, जहां एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और शक्ति संतुलन पर चर्चा हुई। विश्लेषकों ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंध “सहयोग और प्रतिस्पर्धा” के मिश्रण वाले मॉडल में आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें संवाद के साथ-साथ सतर्कता भी शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा साझेदारियों और क्षेत्रीय गठबंधनों पर असर डाल सकते हैं। अमेरिका समेत अन्य वैश्विक शक्तियां इस बदलते समीकरण पर करीबी नजर रखे हुए हैं।


