जांच एजेंसियों के कथित ‘दुरुपयोग’ को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया।
हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर प्रदर्शन किया और सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष की चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के कई विधायकों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया।
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वहीं सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियां कानून के दायरे में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कार्रवाई को राजनीतिक रंग देना अनुचित है। विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।



