क्या सच में लड़कियों के period sink हो जाते हैं?
महिलाओं के पीरियड्स से जुड़ी कई बातें सुनने को मिलती हैं, जिनमें से एक है — “साथ रहने वाली लड़कियों के period sink एक जैसे हो जाते हैं”। हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट शो में यह सवाल डॉ. तान्या (Dr Cuterus) से पूछा गया कि क्या यह सच है?
एक्सपर्ट का जवाब
डॉ. तान्या ने बताया कि यह सिर्फ स्टैटिस्टिकल प्रॉबेबिलिटी है। यानी, जब कई लड़कियों के पीरियड डेट्स को लगातार कैलेंडर पर ट्रैक किया जाए, तो कभी न कभी कुछ डेट्स आपस में मिल ही जाती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हार्मोन हवा में उड़कर किसी दूसरी महिला पर असर डाल रहे हैं।
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उन्होंने उदाहरण दिया कि उनकी और उनकी दोस्त की पीरियड डेट्स आज भी सिंक्ड हैं, लेकिन उनकी दोस्त जर्मनी में रहती हैं। इसका साफ मतलब है कि यह कैलेंडर मैचिंग का नतीजा है, न कि किसी हार्मोनल “टेलीपैथी” का।
क्या है नॉर्मल पीरियड पैटर्न?
पीरियड्स का आना हर 21 से 35 दिन के बीच नॉर्मल माना जाता है।
ब्लीडिंग अगर 2 दिन से कम या 7 दिन से ज्यादा हो तो यह हेल्दी नहीं है।
अगर पीरियड्स 21 दिन से कम अंतराल पर या 35 दिन से ज्यादा देर से आ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
निचोड़
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, साथ रहने वाली लड़कियों के period sink होने का दावा कोई वैज्ञानिक सच नहीं बल्कि महज कैलेंडर ओवरलैप है।


