ओजोन परत की रिकवरी को लेकर आई नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल होने वाले औद्योगिक रसायनों का बढ़ता रिसाव ओजोन परत के सुधार की रफ्तार को धीमा कर सकता है। यह खुलासा वैश्विक पर्यावरण निगरानी से जुड़े विशेषज्ञों और United Nations Environment Programme (UNEP) से जुड़े शोध में सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक कई उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) जैसे रसायन सीधे वातावरण में नहीं छोड़े जाने चाहिए, लेकिन उत्पादन और परिवहन के दौरान इनका रिसाव हो रहा है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन उत्सर्जनों पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो ओजोन परत की रिकवरी में कई सालों की देरी हो सकती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ओजोन परत पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है, इसलिए इसका कमजोर होना मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा है। रिपोर्ट में उद्योगों और सरकारों से कड़े नियम लागू करने और रिसाव रोकने के लिए बेहतर निगरानी तंत्र विकसित करने की अपील की गई है।


