बदलती लाइफस्टाइल गलत खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के चलते आजकल फैटी लिवर एक आम समस्या बनती जा रही है. यह कंडीशन तब होती है, जब लीवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. डॉक्टरों के अनुसार फैटी लीवर को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है और इसके लिए सबसे जरूरी सही खान-पान और नियमित एक्सरसाइज है. वहीं रोजाना के जीवन में कुछ आदतों को अपनाकर न सिर्फ फैटी लिवर में जमा फैट को कम किया जा सकता है बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म और ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर किया जा सकता है.
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फैटी लिवर से राहत पाने के लिए नियमित फिजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी है. ब्रिस्क वॉकिंग, साइकलिंग या स्विमिंग जैसी एक्सरसाइज लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करती है. रिसर्च के अनुसार हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मीडियम लेवल की एक्सरसाइज करनी चाहिए. इससे न सिर्फ फैट बर्न होता है बल्कि इंसुलिन सेंसिटिविटी और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे लिवर सही तरीके से काम कर पाता है.
वहीं हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और ब्रोकली लिवर के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है. इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट लिवर की सफाई में मदद करते और सूजन को कम करते हैं. यह सब्जियां लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को धीमा करती है, जिससे फैटी लिवर की समस्या कंट्रोल में रहती है.
इसके अलावा ग्रीन टी में पाए जाने वाले कैटेचिन्स लिवर फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और फैट जमा होने से रोकते हैं. रोजाना दो से तीन कप ग्रीन टी पीने से लिवर हेल्थ में सुधार देखा जा सकता है. इसके अलावा सुबह खाली पेट नींबू पानी और हल्दी वाला पानी पीना भी फायदेमंद माना जाता है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर सेल्स को नुकसान से बचाते हैं और सूजन कम करते हैं.
वहीं फैटी लिवर का एक बड़ा कारण ज्यादा शुगर और हाई फैट डाइट है. केक, पेस्ट्री, मिठाइयां और मीठी ड्रिंक लिवर में फैट जमा करने का काम करते हैं. ऐसे में इन चीजों का सेवन कम करना जरूरी है, ताकि लीवर पर ज्यादा दबाव न पड़े और फैट का जमाव काम हो सके.
वहीं वजन बढ़ना फैटी लिवर के खतरे को बढ़ाता है. ऐसे में धीरे-धीरे वजन कम करना और उसे कंट्रोल कर रखना बहुत जरूरी है. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे एक्सरसाइज मसल्स बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर आराम की कंडीशन में भी फैट बर्न करता है. इससे लिवर में जमा फैट कम होता है उसकी कार्य क्षमता बेहतर होती है.


